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Wednesday, 8 April 2020

9 अप्रैल को मनाई जाएगी शब-ए- बारात, कोरोना के चलते घरों में होगी इबादत- मुफ्ती फिरोज रजा कलंदरी सिब्तैनी


वाशिम(फुलचंद भगत)-मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान महिना शुरु होने के 15 दिन पहले शब-ए-बारात त्यौहार मनाएं जाता है,इस साल भी मनाया जाऐगा। इसी शब-ए-बारात को लेकर वाशिम जिले के मंगरुलपीर शहर के  मस्जिद अमिने शरियत के इमाम मुफ्ती फिरोज रजा कलंदरी सिब्तैनी ने कहां की इस साल शब- ए-बारात 9 अप्रैल गुरुवार को मनाई जाएगी, उन्हें यह भी कहा की कोरोना वायरस को देखते हुए देश में लॉकडाउन है इसलिए मुस्लिम अपने अपने घरों में ही इबादत करें और लॉकडाउन का पालन करें,प्रशासन का साथ दे,शब-ए -बारात का मतलब होता है छुटकारे की रात यानी गुनाहों से निजात की रात,मजहब-ए-इस्लाम में इस रात की बडी अहमियत बयान की गई है। इस दिन शहर के मुस्लिम समाज अपने अपने घरों में रहकर अल्लाह का जिक्र, कजा व नफिल नमाज पडे,दिन में  रोजा रखें,तस्वीह,व कुरान की तिलावत करें,मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा की कोरोना वायरस बीमारी की मुश्किल घडी में गरीबों, बेसहारा, बेवाओं और यतीम का  ख्याल रखें, जितनी मदद हो सके गरिबों की करें, किसी का भी पडोसी भूखा न सोने पाए इस का खयाल रखें, खासतौर पर कोरोना वायरल जैसी बीमारी से सूफी संतों का भारत देश मे फैलने से रोकने के लिए अल्लाह से दुआ करें। देश में लागू लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें, घरों से कोई भी बाहर ना निकले, लॉकडाउन की वजह शब-ए-बारात के दिन कब्रिस्तान में ना जाएं, अपने अपने घरों में इबादत करें, कोई भी किसी तरह की भीड जमा ना करें, इस बात का ख्याल रखें,हमारी वजह से कोई परेशान ना हो लिहाजा अपने घरों में ही रहे,
एहतियात इलाज से बेहतर हैं घर में रहे महफूज रहे, अल्लाह की बारगाह में रो रो कर दुआ करें कि यह कोरोना वायरस बीमारी जल्द से जल्द खत्म हो जाए ऐसा मुफ्ती फिरोज रजा कलंदरी सिब्तैनी ने कहा।

फुलचंद भगत
मंगरुळपीर/वाशिम
मो.9763007835/8459273206

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